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सोच

क्या सोच बदलेगा

इंसान नफरत भूलेगा

हकीकत के आयें 

मृत्यु सत्य है फिर

भय आखिर किससे है

पुर्जन्म अगर सच है तो

पुर्विचार भी जरूरी है

पानी और आग साथ रहने लगे

इंसान भी इंसान का साथ देने लगे तो

दुनिया बदलेगी या बदलेगी हकीकत

सोच पुराना होता गया

नफरत का दिवार भी बढ़ता गया

मुश्किलों में नहीं है जिंदगी

आदत में मुश्किल शामिल है

कुछ भी करो

कुछ भी नहीं करो

समझ पुरानी है

नया कहानी अभी अधूरी है 

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