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करो प्यार मानवता से

करो प्यार मानवता से

जीवन सफल हो जायेगा

चालाकी के जाल  में

फसते जाओगे

खुद पर आएगा तरस एक दिन

दुनिया को छोड़ जाओगे

करो प्यार मानवता से

आनंद जी भर मिलेगा

आखिर घृणा करते - करते

थक जाओगे

काँटा विछाओगे

एक दिन चुभ जायेगा

जब जोर से चिल्लाओगे

आदमी समझेगा योग कर रहे शायद

हँस के गम भुला रहा होगा

जो पाप तुमने किया

भला वो कौन धो देगा

साफ कपड़ों में भी

गंदगी दिखेगी अगर

मन साफ़ न कर पाओगे

करो प्यार मानवता से

करो प्यार मानवता से 

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